यदि आप अपने कंप्यूटर को इन्टरनेट से जोड़ते है , किसी अन्य को प्रयोग में लेने के लिए देते है . या नेटवर्क में किसी फाइल या फोल्डर को शेयर करते है तो , आपको अपने कम्प्यूटर को प्रोटेक्ट करना चाहिए ताकि कोइ अन्य व्यक्ति आपके कम्प्यूटर को नुकसान न पंहुचा सके .
 क्यों ? आज के समय में कंप्यूटर क्रिमिनल बहुत ही चर्चित है . जिन्हें हम हैकर के नाम से भी जानते है . जो अन्य व्यक्ति के कंप्यूटर पर अटैक करते है, ये कंप्यूटर पर डायरेक्ट अटैक करते है . ये इन्टरनेट के माध्यम से आपके कंप्यूटर को तोड़कर आपके कंप्यूटर में रखे पर्सनल डाटा का चोरी कर लेते है . नहीं तो इनडायरेक्टली दुर्भावनपूर्ण(Malicious)सॉफ्टवेर बनाते है और आपके कंप्यूटर तक पंहुचा कर उससे आपके डाटा को नुकसान कर देते है . , ये सॉफ्टवेर आपके कंप्यूटर को भी नुकसान पंहुचा सकते है .
भाग्यवश आप अपने कंप्यूटर को खुद ही सुरछित कर सकते है . जिसके लिए आपको निचे दिए गए कुछ आर्टिकल की मदद लेनी होगी जो निम्न है .
कंप्यूटर को सुरछित करे
ये संभावित सुरक्षा खतरे से आपके कंप्यूटर की सुरक्षा में मदद करने के तरीके हैं:


  • Firewall : एक फ़ायरवॉल हैकर्स के द्वारा या दुर्भावनापूर्ण सॉफ्टवेर के द्वारा आपके  कंप्यूटर को एक्सेस करने से रोकता है . 
  • Windows Update : यदि आपका कंप्यूटर इन्टरनेट से जुडा है तो आटोमेटिक अपडेट को चेक कर लेता है और उसे इनस्टॉल कर लेता है . 
  • Virus Protection :  एंटीवायरस सॉफ्टवेर आपके कंप्यूटर में प्रवेश करने वाले वायरस , वोर्म तथा थ्रेट आदि को रोकता है . 
  • Spyware and other malware protection : एंटीस्पाइवेयर सॉफ्टवेयर स्पायवेयर और अन्य संभावित रूप से अवांछित सॉफ़्टवेयर से आपके कंप्यूटर को सुरक्षित रखने में मदद कर सकता है।
    क्या होता है कंप्यूटर सिक्यूरिटी तथा इन्टरनेट सिक्यूरिटी , तथा इन्हें कैसे लगाये ?

Firewall 

फ़ायरवॉल एक सॉफ़्टवेयर या हार्डवेयर है जो इंटरनेट या नेटवर्क से आने वाली जानकारी की जांच करता है और फिर या तो इसे बदल देता है या फ़ायरवॉल सेटिंग्स के आधार पर इसे आपके कंप्यूटर से गुज़रने देता है इस तरह, फ़ायरवॉल आपके कंप्यूटर पर पहुंच पाने से हैकर्स और दुर्भावनापूर्ण सॉफ़्टवेयर को रोकने में मदद करता है।

विंडोज फ़ायरवॉल विंडोज में बनाया गया है और स्वचालित रूप से चालू है।

क्या होता है कंप्यूटर सिक्यूरिटी तथा इन्टरनेट सिक्यूरिटी , तथा इन्हें कैसे लगाये ?




यदि आप एक प्रोग्राम जैसे एक त्वरित मैसेजिंग प्रोग्राम(Instant massaging program)या एक मल्टीप्लेयर नेटवर्क गेम(multiplayer network game)चलाते हैं जिसे इंटरनेट या नेटवर्क से जानकारी प्राप्त करने की आवश्यकता होती है, तो फ़ायरवॉल पूछती है कि क्या आप कनेक्शन को ब्लॉक या अनब्लॉक करना चाहते हैं? यदि आप कनेक्शन को अनवरोधित करना चुनते हैं, तो Windows फ़ायरवॉल एक अपवाद(ताकि दुबारा उस वेबसाइट पर जाए तो वह पहचान जाए ) बनाता है ताकि फ़ायरवॉल आपको परेशान न करें जब उस प्रोग्राम को भविष्य में जानकारी प्राप्त करने की आवश्यकता होगी।

Virus Protection 

वायरस, कीड़े(worm) और ट्रोजन हॉर्स प्रोग्राम हैं जो हैकर्स द्वारा बनाए गए प्रोग्राम हैं जो कमजोर कंप्यूटरों को संक्रमित करने के लिए इंटरनेट का उपयोग करते हैं। वायरस और कीड़े(worm) खुद कंप्यूटर से कंप्यूटर की नकल कर सकते हैं, जबकि ट्रोजन हॉर्स किसी कंप्यूटर में प्रवेश कर सकते हैं, जो कि जाहिरा तौर (apparently legitimate program )पर वैध कार्यक्रम के अंदर छुपाता है, जैसे स्क्रीन सेवर। विनाशकारी वायरस, कीड़े(worm) और ट्रोजन हॉर्स आपकी हार्ड डिस्क से जानकारी मिटा सकते हैं या अपने कंप्यूटर को पूरी तरह अक्षम कर सकते हैं। दूसरों को सीधे नुकसान नहीं पंहुचा सकते है , लेकिन आपके कंप्यूटर का प्रदर्शन और स्थिरता बिगाड़ सकते है।

एंटीवायरस प्रोग्राम वायरस, कीड़े और ट्रोजन हॉर्स  आपके कंप्यूटर पर ई-मेल और अन्य फ़ाइलों को स्कैन करते हैं। यदि कोई भी पाया जाता है तो उसको वह नष्ट कर देता है आपके कंप्यूटर में प्रवेस करने से पहले ही ताकि वह आपके कंप्यूटर में प्रवेश कर आपके किसी भी फाइल आदि को नष्ट न कर पाए . 

Windows में एक अंतर्निहित (Internal)एंटीवायरस प्रोग्राम नहीं है, लेकिन कंप्यूटर निर्माता ने शायद एक इंस्टॉल किया हो। यदि नहीं, तो एंटीवायरस प्रोग्राम को खोजने के लिए विंडोज  सुरक्षा सॉफ्टवेयर प्रदाता वेबसाइट पर जाएं।
Note: अर्थात आप मार्किट में बिक रही एंटीवायरस की डिस्क को ख़रीदे या एंटीवायरस बेचने वाली कंपनी की वेबसाइट पर जाए और वहा से डाउनलोड करे.

क्योंकि हर दिन नए वायरस की पहचान की जाती है, इसलिए स्वचालित अपडेट क्षमता वाले एंटीवायरस प्रोग्राम को चुनना महत्वपूर्ण है। जब एंटीवायरस सॉफ़्टवेयर खोज  किया जाता है, तो यह वायरस की सूची में नए वायरस को जांचने के लिए जोड़ता है, जिससे आपके कंप्यूटर को नए हमलों से बचाने में मदद मिलती है यदि वायरस की सूची पुरानी है, तो आपका कंप्यूटर नए खतरों के लिए कमजोर है। अपडेट्स को आम तौर पर वार्षिक सदस्यता शुल्क की आवश्यकता होती है नियमित अपडेट प्राप्त करने के लिए सदस्यता चालू रखें।

Warning 

  • यदि आप अपने कंप्यूटर में एंटीवायरस प्रोग्राम को प्रयोग में नहीं लेते है तो आने वाले खतरे से आप अपने कंप्यूटर को सुरक्षित नहीं रख पाएंगे और हा आप अपने कंप्यूटर के द्वारा वायरस को बढ़ावा भी दे रहे है . 

Spyware Protection 

spyware एक येसा सॉफ्टवेर प्रोग्राम है जो advertisement करता है यह आपके जानकारी को भी एकत्रित करता है . आम तौर पर यह आपके बिना परमिशन के आपके कंप्यूटर पर आते है कभी कभी तो यह आपके डिफाल्ट वेब पेज को भी बदल देते है , फेबरेट पेज, लिंक आदि बनकर आपके कंप्यूटर में स्टोर हो जाते है .कुछ एसे भी इसपाईवेयर प्रोग्राम होते है जो बिना किसी लछन दिखाए आपके सूचनाओ को स्टोर करता है . जैसे की आपने कौन से वेबसाइट का उपयोग किया हुआ है , क्या आपने डाउनलोड किया हुआ है , आपका यूजर आईडी  पासवर्ड क्या है आदि.

यदि आप अपने कंप्यूटर को sypware से बचाना चाहते है तो , आप अपने कंप्यूटर में antisypware प्रोग्राम को इनस्टॉल करे . विंडोज के सभी वर्जन में by default एक प्रोग्राम इंस्टाल होता है जिसे विंडोज दिफ्फेंदर(Windows Defender ) के नाम से जानते है . windows defender आप को अलर्ट मैसेज भेजता है जब कोइ स्पाईवेयर प्रोग्राम इनस्टॉल होता है , यह आपके कंप्यूटर को भी स्कैन करता है ताकि उन्हें ढूढ़ कर कंप्यूटर से हटा सके .

क्योकि हर  दिन एक नए sypware की पहचान हो रही है , इसी लिए आपके विंडोज डिफेंडर को भी हमेसा अपडेट होना जरुरी है , यह तभी अपडेट होगा जब आपका विंडोज अपडेट आन होगा , विंडोज अपडेट होगा , तो डिफेंडर भी अपडेट होगा .


सुरछित रूप से वेब और ईमेल को उपयोग में लेने के लिए टिप्स 



  • सावधानी बरते अटैचमेंट ईमेल को खोलने में : यदि आपको कोइ मेल प्राप्त होता है तो यदि आप सेंडर को नहीं जानते तो अटैचमेंट फाइल को न खोले क्योकि यही सबसे घातक होता है . यदि आप सेन्डर को जानते है तो कंफ़र्म कर ले की उसने आपको ईमेल आवस्यकता अनुसार अटैचमेंट के साथ भेजा है या नहीं .
  • ब्यक्तिगत जानकारी को सावधानी से रखे : यदि आप किसी वेबसाइट पर अपना क्रेडिट कार्ड , डेबिट कार्ड या पर्सनल जानकारी देते है तो वह वेबसाइट कितनी सुरछित है यह पता करना बहुत ही जरुरी है . आज के समय में वही वेबसाइट सुरछित है जिस पर https हो . (https क्या है इसके बारे में हम आगे पढेंगे.)
  • हाइपरलिंक पर ध्यान दे : यदि आपको कोई मेल प्राप्त होता है और उसमे किसी लिंक पर क्लिक करने से आप किसी वेबसाइट पर चले जाते है तो ध्यान दीजियेगा की इसके द्वारा फिशिंग या स्पाईवेयर या स्कैम के हिस्से में आजते है जो आपके कंप्यूटर को नुकसान करता है .  
Reactions:

Post a Comment

Blogger

 
[X]

Subscribe for our all latest News and Updates

Enter your email address: