type of computer virus in hindi

कंप्यूटर वायरस क्या होता है , की अगर हम बात करे तो अधिकतर देखा गया है की कंप्यूटर में जब वायरस हो जाता है तो काम करना लगभग या धीरे धीरे बंद कर देता है , कंप्यूटर वायरस की इतिहास कुछ आगे पीछे अलग अलग होती है लेकिन अधिकतर देखा गया है और पढ़ने को भी मिला है दुनिया का पहला कंप्यूटर वायरस क्रीपर सिस्टम था जिसे बॉब थॉमस ने 1971 के आस पास तैयार किया था यह सेल्फ रीप्लेक्टिंग वायरस था मतलब यदि कोई फोल्डर है उसके अंदर सेम कई फोल्डर तैयार हो जाते थे .

कंप्यूटर वायरस  कितने प्रकार  के होते है ?

कंप्यूटर वायरस समय-समय पर अलग-अलग कंपनी के द्वारा तैयार किया जाता है . आज के समय में कंप्यूटर वायरस बहुत ही प्रचलन में है कंप्यूटर वायरस कई प्रकार के होते है. कंप्यूटर वायरस प्रकार कई होते है और प्रकार के हिसाब से नाम भी कई होते है . जैसे की
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वॉर्म वायरस

वॉर्म वायरस सेल्फ रेप्लिकेट वायरस होता हैं. जैसे राम नाम का फोल्डर बना तो उसके अंदर राम नाम की कई फोल्डर क्रिएट हो जाते हैं , यह वायरस फाइल ट्रांसफर करते समय फैलते हैं .
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ट्रोजन वायरस

ट्रोजन वायरस जब हम किसी बिना ट्रस्टेड वेबसाइट से कोई सॉफ्टवेयर डाउनलोड करते हैं तो उनके साथ यह हमारे कंप्यूटर  में प्रवेश कर जाता हैं जो कंप्यूटर सिस्टम की लिए सही नहीं हैं . यह आपकी प्राइवेसी को किसी की साथ शेयर भी कर सकता हैं , अलग अलग प्रकार की पॉप अप शो होंगे एडवरटाइजिंग की जो कंप्यूटर की लिए सही नहीं हैं .
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फैट वायरस

फैट का पूरा नाम फाइल एलोकेशन टेबल होता हैं , जब भी हम अपने स्टोरेज में कोई डाटा स्टोर करते हैं तो  फैट वायरस  सेम साइज का डाटा स्टोर कर लेता हैं और जब भी हम अपने डाटा को आपने करेंगे तो वह bydefault वह भी ओपन हो जाता हैं जिससे की कंप्यूटर की स्पीड काम हो जाता हैं , कुछ समय बाद वह उस पुरे फाइल को करप्ट कर देता हैं वह फाइल किसी काम की नहीं होती हैं .
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मेमोरी रेजिडेंट वायरस

यह वायरस अधिकतर मेमोरी जैसे की रैम की स्पीड को काम कर देता हैं क्योकि हम जानते हैं की हमारे मेमोरी चार जीबी हैं तो स्पीड अच्छी होगी लेकिन यह वायरस आपके कंप्यूटर में आ गया तो मेमोरी में पूरी जगह ले लेगा जिसके वजह से कंप्यूटर सही तरीके से काम नहीं करता हैं फिर हमारे कंप्यूटर में हैंग की समस्या उत्पन्न हो जाती हैं
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वेब स्क्रिप्टिंग वायरस

यह कंप्यूटर वायरस वेबसाइट की लिए होता हैं जो ही किसी वेबसाइट पर आप विजिट करेंगे आपको मैसेज मिलेगा की click to download latest movie या इससे कुछ मिलते जुलते क्लिक करते हैं आप किसी दूसरे वेबसाइट पर पहुंच जाते हैं शायद वहा पर जाने पर आपके प्राइवेसी पर असर हो सकता हैं वहा से कोई वायरस आपके कंप्यूटर में प्रवेश कर सकता हैं आदि . जो कंप्यूटर के लिए सही नहीं हैं.
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बूट सेक्टर वायरस

बूट सेक्टर वायरस कंप्यूटर को स्टार्ट होने से रोकता है , अधिकतर देखा गया है की जब भी हम कंप्यूटर को स्टार्ट करते है तो बूट फेल्ड का मैसेज देता है नहीं तो बार बार रीस्टार्ट होता है लेकिन यहाँ पहचाना थोड़ा मुश्किल होता है क्योकि हार्डडिस्क प्रॉब्लम या किसी अन्य प्रॉब्लम से भी कंप्यूटर बार बार रिस्टार्ट होता है .
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ब्राउज़र हैकर

ब्राउज़र हैकर वायरस आज की समय में तो इतना प्रचलन है की किसी का डाटा आप इतने आसानी से ले सकते है की सामने वाले को पता भी नहीं चलने वाला है . जैसे - वायरस क्रिएटर ने एक कोड बनाया और उसने एक फेक वेबसाइट बनायीं फिर लोगो का विजिट होना शुरू हो जाता है फिर वहा पर डाउनलोड का फाइल बोलेगा . आपने डाउनलोड किया लेकिन डाउनलोड कुछ नहीं होगा , फिर आप अपने ब्राउज़र में जो कुछ भी लिखते है वह सब वायरस अपने हेड को भेज देता है . जैसे - सर्च क्या किया आपने , पासवर्ड आदि .
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नोट : वायरस कई प्रकार के होते है , कंप्यूटरगाइडहिंदी के इस पोस्ट में जो मुख्य वायरस होते है उन्हें बताने की कोशिस की गयी है यदि आप किसी अन्य कंप्यूटर वायरस के बारे में पूछना चाहते है तो हमें कमेंट करे . 

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