peer to peer network architecture in hindi with examples

सामन्यतः पियर तो पियर कंप्यूटर नेटवर्क में क्लाइंट या सर्वर निर्धारित नही होता है . लेकिन इनमे प्रत्येक पियर नेटवर्क पर स्वयं ही क्लाइंट क्लाइंट या सर्वर कार्य करता है नेटवर्क का यह रूप क्लाइंट - सर्वर मॉडल से भिन्न होता है . 




वीओआईपी काल कितने प्रकार के होते है ,उनके क्या फायदे है ?

इसमे कोए भी नोड नेटवर्क पर किसी भी प्रकिर्या को शुरू या समाप्त करने में सक्षम होता है पियर नोड लोकल कांफिगुरेसन , प्रोसेसिंग स्पीड , नेटवर्क बैंडविड्थ और स्टोरेज छमता में भिन्न हो सकते है इस ब्यवस्था में कंप्यूटर को आपस में में जोड़ा जाता है लेकिन यह अधिक Computers के लिए उपयोगी नहीं है , बल्कि इनमे सामान्यतः 10 computers को जोड़ा जा सकता है इसमे कोए फाइल या प्रिंट सर्वर भी बनाने की आवश्यकता नहीं होती है पिअर टू पियर का मुख्या कार्य फाइल को शेयर करने का होता है




कंप्यूटर नेटवर्किंग के क्या फायदे है ?

            सामान्तः दो या दो से अधिक computers को आपस में जोड़कर उनकी फाइल्स एवं प्रिंटर को शेयर करना ही पियर टू पियर नेटवर्क का उदाहरण है पियर टू पियर में प्रत्येक कंप्यूटर अपनी सुरक्षा का स्वयं जिम्मेदार होता है यूजर डाटाबेस भी प्रतेयक कंप्यूटर पर अलग अलग होता है अर्थात decentralize होता है . अतः पियर टू पियर नेटवर्क को किसी सिंगल लोकेशन से मैनेज नहीं किया जा सकता है , पियर टू पियर का सेटअप सामान्यतः छोटी संश्था , जैसे सायबर कैफ़े में किया जा सकता है जहा नेटवर्क सिक्यूरिटी प्राथमिक नहीं होती है
PEER TO PEER NETWORK : पीयर टू पीयर नेटवर्क

ट्रांसमिशन मीडिया (TRANSMISSION MEDIA)

नेटवर्क में ट्रांसमिशन मीडिया दो कंप्यूटर को आपस में कनेक्ट करने के लिए एक फिजिकल मीडियम है . ट्रांसमिशन मीडिया वायर्ड केबल भी हो सकता है एवं वायरलेस भी हो सकता है विभिन्न ट्रांसमिशन मेदिअका अधयन्न हम आगे के सेक्शन में करेंगे



प्रोटोकॉल (PROTOCOL)

प्रोटोकॉल नेटवर्क में स्तिथ computers के बिच कनेक्शन को स्थापित करने के लिए करने लिए सेट किया गया एक एसा रूल है जिसकी वजह से नेटवर्क कंप्यूटर एक दुसरे से कम्यूनिकेट करते हे प्रोटोकॉल को यदि दुसरे रूप में समझा जाए तो यह कंप्यूटर के लिए एक लैंग्वेज है यदि नेटवर्क में स्तिथ computers एक दुसरे से कम्यूनिकेट करना चाहते है तो तो यह जरुरी है की वे एक दुसरे की लैंग्वेज को समझ सके  अर्थात यहाँ कम्युनिकेशन रूल सभी के लिए समान होना चाहिए . विभिन्न प्रोटोकाल का अध्यन हम आगे के सेक्शन में करेंगे .....

"कंप्यूटर के लिए कौन सा हार्ड डिस्क सही है? पढ़े हिंदी में "



Reactions:

Post a Comment

Blogger

 
[X]

Subscribe for our all latest News and Updates

Enter your email address: