टोर एक नेटवर्क है जो अपने उपयोगकर्ताओं(Users) को उन वेबसाइटों को होस्ट करने के लिए सामान्य वेब पर गुमनाम रूप(Anonymous form) से सर्फ(Surf) करने की अनुमति देता है जिनके वास्तविक स्थान छिपे(Hidden location) हुए हैं, और यह उन्हें इन वेबसाइटों तक पहुंचने का एक रास्ता भी देता है। एक सामान्य वेब ब्राउज़र के माध्यम से एक टोर छिपी सेवा(Tor hidden service) का दौरा नहीं किया जा सकता है। ये इसके बजाय टोर ब्राउज़र के माध्यम से Onion Sites तक पहुँचा जाता है।

Information about hosting and domains in Tor Browser, in Hindi [टोर ब्राउज़र में होस्टिंग और डोमेन के बारे में जानकारी हिंदी में]


 जिससे की ट्रैफिक एनालिसिस आपको ट्रैक न कर सके की आप कौन है और कहा से है , लेकिन इसके कुछ नुकसान भी है टोर ब्राउज़र पर दुनिया की सभी ख़ुफ़िया एजेंसिओ का ध्यान होता है , और सभी खुफिया एंजेसिज टोर राऊटर को हमेशा चेक करते रहते है , हालाकिं टोर राउटर कितने है और कहा -कहा है दुनिआ के कोने में किसी को भी पता नहीं है फिर भी ख़ुफ़िया एजेंसिया सभी  राऊटर को तो नहीं लेकिन कुछ राऊटर में जरूर एक्सेस कर जाती है , यदि आप इंटरनेट के बारे में कुछ जानते होंगे की WWW पर चलने वाली सभी वेबसाइट के लिए होस्टिंग की जरूरत होती है जिसे नेटवर्किंग में सर्वर कहा जाता है , और इसी सर्वर सभी प्रोटोकॉल को कॉन्फ़िगर किया जाता है जिससे एक वेबसाइट सुचारु रूप से चलती है प्रोटोकॉल जैसे HTTPS , FTP  आदि 

सबसे महत्वपूर्ण कंप्यूटर नेटवर्किंग प्रोटोकॉल क्या है?





फिर कॉन्फ़िगर किये गय सर्वर को एक एड्रेस दिया जाता है जिससे की कोई भी क्लाइंट उस  सर्वर तक पहुंच सके , जो एड्रेस Server को असाइन किया जाता है उसे ही नेटवर्किंग में आईपी एड्रेस कहा जाता है , मानव नंबर को याद नहीं कर सकता इस लिए सर्वर में एक और कॉन्फ़िगर किया जाता है जिसे DNS यानि की डोमेन नाम सिस्टम्म के नाम से जाना जाता है , जो नंबर को लेटर में कन्वर्ट कर देता है , जब यूजर  उन लेटर को वेब ब्राउज़र में डालता है तो लेटर उन नंबर को एक्सेस करके सर्वर से कनेक्ट कर देते है 
टोर ब्राउज़र में होस्टिंग और  डोमेन के बारे में जानकारी हिंदी में

जैसे की हमारी वेबसाइट का नाम computerguidehindi .com तो आप सभी को आसानी से याद होता है लेकिन वही नंबर होता तो नहीं हो पता जैसे : 184.168.131.241  ,tor browser hosting in hindi, tor domain in hindi, tor in hindi

हैकिंग किसे कहते है ,इंटरनेट कैसे काम करता है?

 तो  टोर ब्राउज़र के साथ एक और सॉफ्टवेर मिला दिया जाए तो हमें सर्वर यानि की होस्टिंग खरीदने की जरूरत  नहीं पड़ेगी और होस्टिंग के साथ साथ (.onion ) एक डोमेन भी फ्री में मिलेगा , यानि की टोर ब्राउज़र का उपयोग करके आप अपने कंप्यूटर को एक सर्वर बना सकते हो , वो भी फ्री में 

टोर ब्राउज़र क्या है , कैसे काम करता है ?

आप बने रहिये हमारे साथ हम मिलते है आप लोगो से अगले पोस्ट में और टोर ब्राउज़र का उपयोग न ले जब तक आप उसके बारे में सही तरीके जान ले तब तक प्रयोग में न ले अन्यथा ये आपकी जिम्मेदारी होगी .
नोट - यह पोस्ट केवल शिक्षा के अंतर्गत है जो इसके बारे में सभी को जागरूक करने के लिए है . न की बढ़ावा देने की .

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