tor ब्राउज़र से  आईपी एड्रेस गूगल कैसे छुपाये , हैकिंग ट्रेनिंग , tor ब्राउज़र से  हैकर कैसे बने कंप्यूटर एक्सपर्ट , टोर ब्राउज़र क्या है , कैसे काम करता है?tor ब्राउज़र से  ट्रैफिक एनालिसिस

टोर एक प्रोजेक्ट है , जो एक ओपन सोर्स ब्राउज़िंग सॉफ्टवेयर है टोर का उपयोग क्यों जरुरी हुआ , यह भी एक दिमाग में प्रश्न बनता है की यह क्यों आया है , जैसे की मैने अपने पिछले पोस्ट में बताया था की हम या आप जो इंटरनेट के माध्यम से प्रयोग में लेते है , जैसे गूगल , फेसबुक , सॉफ्टवेयर की वेबसाइट या अन्य वेबसाइट उन पर हमने क्या पढ़ा , कितने समय तक पढ़े , क्या देखे आदि , ये सारे डिटेल ट्रैफिक एनालिसिस चेक करते रहते है , उन्हें यह तक पता होता है की आप कौन है और कहा से है , तो आप समझ सकते है की आप इंटरनेट पर थोड़ा सा भी सिक्योर नहीं है, तो इन्ही सब को देख कर वेब ब्राउज़िंग कम्युनिटी ने के ओपन सिस्टम ब्राउज़िंग को तैयार किया जिसका रिजल्ट ही टोर ब्राउज़र है. 



टोर ब्राउज़र क्या है , कैसे काम करता है. ?

हैकिंग किसे कहते है ,इंटरनेट कैसे काम करता है?

जब वेब ब्राउज़र से सर्वर को कनेक्ट करते है तो डायरेक्ट माध्यम होता है जिससे सर्वर को पता चल जाता है की कौन से क्लाइंट ने सर्वर पर विजिट किया था ,कितने वक़्त तक रहा आदि. 
उदहारण से समझे - आपने गूगल क्रोम ओपन किया और गूगल में आपने सर्च किया बहुत वेबसाइट पर विजिट किये , डाउनलोड किये , अपलोड किये . या आपने रीडिंग किया आदि . तो गूगल के सर्वर पर आपकी आईपी एड्रेस नोट हो जाता है , जिससे आपकी हिस्ट्री उसके पास सेव रहेगी . लेकिन आप टोर ब्राउज़र के थ्रू सर्च करते है तो आप सीधे सर्वर से कनेक्ट नहीं होंगे आप टोर के कई सारे राऊटर से गुजरेंगे  और अंत में सर्वर से क्यूनेक्ट होंगे लेकिन सर्च करके जब डाटा रिटर्न  क्लाइंट  पर होंगे तो आप अन्य राऊटर से होते हुए आएंगे जिससे ट्रैफिक एनालिसिस करना बहुत ही कठिन हो जाता है . निचे दिए गए चित्र के माध्यम से आप समझ सकते है . 
तो यदि आप अपनी आईपी को छुपाने की कोशिस करना चाहते है तो यह ब्राउज़र आपके लिए सही है . 

वीपीएन - वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क क्या है?

Image From Google

निचे दिए लिंक पर क्लिक करके डाउनलोड करे और हां टोर ब्राउज़र कई राऊटर से होकर गुजरता है जिससे स्पीड में थोड़ा अंतर होता है , और भी कई सारी फैक्ट है जो अगले पोस्ट में आपके साथ शेयर करते है .तो बने रहिये कंप्यूटरगाइडहिंदी के साथ , एक बात ध्यान में रखियेगा जो जितना फायदा करता है नुकसान भी कर सकता है तो अगले पोस्ट में फायदे और नुकसान दोनों आपको बताते है . 


सर्वर : Server

मुझे पूर्ण आशा है की आपको इस पोस्ट में के बारे में सही तरीके समझा पाया हूँ. आप सभी पाठको से अनुरोध है की आप इस पोस्ट को अपने फ्रेंड और रिश्तेदारों में शेयर करे शायद आप एक शेयर किसी मदद कर सके , किसी की तलाश पूरी हो जाये , मुझे आप सब की सहयोग की आवश्यकता है जिससे मै और भी रोज नए नए जानकारी आपके साथ शेयर कर सकू.

हमारा हमेसा से ही यही प्रयास रहा है की मै अपने ब्लॉग के पाठको को हर तरफ से मदद करू . यदि आपको पोस्ट में किसी भी प्रकार के संदेह (डाउट) हो तो आप हमसे बेझिझक पूछे हम आप की मदद करने की पूरी कोशिस करेंगे . आपको हमारा यह पोस्ट कैसे लगा कमेंट बॉक्स में जरूर बताये .





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