![]() |
Image by Adrian from Pixabay |
Updated on: 28 August 2025
Amazon–Flipkart ने रोकी Festive Sale की घोषणा: GST Reforms पर Govt Clarity का इंतज़ार
Moneycontrol की रिपोर्ट के अनुसार, Amazon और Flipkart इस साल की festive mega sales की तारीख़ों को अंतिम रूप देने से पहले GST Council की बैठक से कर-स्लैब पर स्पष्टता का इंतज़ार कर रहे हैं। बड़े appliances और furniture जैसी high-value categories पर संभावित GST बदलाव से कीमतें और demand प्रभावित हो सकती हैं—इसीलिए ई-कॉमर्स कंपनियाँ cautious मोड में हैं।
- GST Council बैठक (3–4 Sept) से पहले launch dates hold पर
- Big Billion Days / Great Indian Festival की planning impact
- Shoppers big-ticket purchases टाल रहे हैं—possible price cuts की उम्मीद
Introduction: क्यों अटकी हैं Amazon और Flipkart की Festive Sales?
हर साल सितंबर–अक्टूबर में भारत की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स सेल—Flipkart की Big Billion Days और Amazon की Great Indian Festival—market को हिला देती है। इन सेल्स से कंपनियों को सालाना revenue का करीब 25% तक हिस्सा मिलता है।
लेकिन इस साल तस्वीर थोड़ी अलग है। Moneycontrol की रिपोर्ट बताती है कि दोनों कंपनियाँ GST Council की अगली बैठक (3–4 सितंबर) का इंतज़ार कर रही हैं। कारण यह है कि सरकार high-value categories (जैसे appliances, furniture, electronics) पर 28% से GST स्लैब घटाकर 18% करने पर विचार कर रही है। अगर ऐसा होता है तो festive discounts और prices पूरी तरह बदल जाएंगे।
“Festive सेल्स की तारीख़ें अब सरकार के GST फैसले पर निर्भर हैं।” — Moneycontrol रिपोर्ट, अगस्त 2025
Festive Sales का महत्व: ई-कॉमर्स के लिए साल की सबसे बड़ी कमाई
भारत में online retail का सबसे बड़ा मौसम त्योहारों का सीज़न होता है। Flipkart की Big Billion Days और Amazon की Great Indian Festival केवल sales events नहीं हैं, बल्कि पूरे ई-कॉमर्स सेक्टर की growth drivers हैं।
- 25% तक वार्षिक बिक्री: रिपोर्ट्स के अनुसार, इन सेल्स से दोनों कंपनियों की कुल सालाना कमाई का लगभग चौथाई हिस्सा आता है।
- Brand Visibility: लाखों छोटे–बड़े brands festive season के दौरान अपनी पूरी सालभर की marketing strategy execute करते हैं।
- Customer Behaviour: उपभोक्ता अक्सर बड़ी खरीद (TV, furniture, appliances) इन सेल्स के दौरान ही करते हैं क्योंकि discounts का level सबसे अधिक होता है।
- Logistics Boost: festive season में delivery नेटवर्क और supply chain record levels तक बढ़ जाती है।
GST Reforms की Uncertainty: कंपनियाँ क्यों कर रही हैं इंतज़ार?
भारत सरकार की GST Council अपनी अगली बैठक (3–4 सितंबर 2025) में 28% GST slab को घटाकर 18% करने पर विचार कर रही है। यह बदलाव मुख्यतः high-ticket products जैसे electronics, appliances और furniture पर असर डालेगा।
Amazon और Flipkart इस निर्णय का इंतज़ार कर रही हैं क्योंकि:
- अगर GST घटा तो products की effective price कम हो जाएगी और demand बढ़ेगी।
- पहले से तय discounts और offers को recalculate करना पड़ेगा।
- Marketing campaigns और festive calendar को last-minute adjust करना होगा।
- Suppliers और brands को भी नई pricing strategy बनानी होगी।
Consumers का Behaviour: क्यों टल रही है बड़ी खरीदारी?
ई-कॉमर्स कंपनियों से ज़्यादा consumers इस uncertainty को महसूस कर रहे हैं। रिपोर्ट्स बताती हैं कि बहुत से खरीदार अपनी big-ticket purchases (जैसे refrigerators, washing machines, TVs और furniture) को delay कर रहे हैं। कारण साफ है—अगर GST में कटौती हुई, तो वही सामान कुछ हफ़्तों बाद और सस्ता मिल सकता है।
इससे short-term में sales volume पर दबाव पड़ रहा है। brands और retailers advance orders लेने से बच रहे हैं क्योंकि demand का बड़ा हिस्सा decision pending mode में है।
Industry Lobbying: Amazon–Flipkart और बाकी Players का Stance
Amazon और Flipkart दोनों ही इस समय policy makers से direct clarity की मांग कर रही हैं। इन कंपनियों का तर्क है कि GST decision जल्दी आने से festive calendar और marketing campaigns बिना disruption के चल पाएंगे।
दूसरी ओर, कुछ अन्य ई-कॉमर्स players और D2C brands का मानना है कि ज़्यादा GST भी festive discounts से neutralize हो जाएगा। इसलिए वे सरकार पर public lobbying करने से बच रहे हैं और wait-and-watch mode में हैं।
Economic Angle: Festive Sales Growth पर संभावित असर
अगर समय पर GST clarity मिल जाती है तो 2025 की festive sales भारत के ई-कॉमर्स सेक्टर के लिए record-breaking हो सकती है। Research agencies का अनुमान है कि इस साल की बिक्री ₹1.2 लाख करोड़ तक पहुँच सकती है—यानी करीब 27% growth।
लेकिन अगर GST पर निर्णय देर से आया, तो growth सिर्फ़ 5–7% तक सीमित रह सकती है। यानी timing ही सबसे बड़ा deciding factor है।
- GST clarity on time → Growth up to 27% (₹1.2 लाख करोड़)
- GST clarity delayed → Growth only 5–7%
Other Players का Response: छोटे ई-कॉमर्स और Offline Retailers का रुख
जहाँ Amazon और Flipkart सरकार से सीधे GST clarity की मांग कर रही हैं, वहीं कई अन्य ई-कॉमर्स कंपनियाँ और offline retailers अलग रुख अपना रहे हैं।
- D2C brands: मानते हैं कि ज्यादा GST का असर festive discounts से neutralize किया जा सकता है।
- छोटे ई-कॉमर्स startups: marketing budget रोककर cautious approach अपना रहे हैं।
- Offline retailers: मानते हैं कि अगर GST कटौती होती है तो उनकी price competitiveness पर और दबाव बढ़ेगा।
Regulatory Signals: CBIC और Govt का संदेश
इस पूरे uncertainty phase में सरकार और नियामक संस्थाओं का रुख भी महत्वपूर्ण है। Central Board of Indirect Taxes and Customs (CBIC) ने पहले ही businesses और buyers से अपील की है कि GST changes पर अफवाहों और speculation से बचें।
CBIC का कहना है कि अंतिम निर्णय केवल GST Council लेगी और official announcement समय पर की जाएगी। इसलिए कंपनियों और ग्राहकों को अफवाहों के बजाय official sources पर भरोसा करना चाहिए।
आगे क्या?
Amazon और Flipkart की mega festive sales इस बार पूरी तरह GST reforms पर टिकी हुई हैं। अगर 3–4 सितंबर की GST Council बैठक में कर-स्लैब घटाने का फैसला हो जाता है, तो उपभोक्ताओं को सस्ते दाम और बड़े discounts मिल सकते हैं। वहीं, देर होने पर न केवल कंपनियों की sales planning प्रभावित होगी बल्कि ग्राहकों की खरीदारी की उत्सुकता भी कम हो सकती है।
आने वाले दिनों में GST Council का निर्णय ही तय करेगा कि इस साल का festive season record-breaking होगा या slow-moving।
📖 Source Reference: Moneycontrol (2025). “Amazon, Flipkart await govt clarity on GST reforms before finalising festive sale plans.”
FAQs: Amazon–Flipkart GST Reforms और Festive Sales से जुड़े आम सवाल
Q1. Amazon और Flipkart ने festive sale dates क्यों रोक दी हैं?
दोनों कंपनियाँ सरकार की GST Council बैठक (3–4 सितंबर 2025) का इंतज़ार कर रही हैं। अगर 28% GST slab घटकर 18% हो जाता है तो product pricing और offers पूरी तरह बदल जाएंगे।
Q2. Consumers पर इस GST uncertainty का क्या असर पड़ रहा है?
कई buyers अपनी big-ticket purchases (TV, fridge, furniture आदि) रोक रहे हैं क्योंकि GST cut होने पर वही products सस्ते मिल सकते हैं। इससे short-term demand कमजोर हो रही है।
Q3. अगर समय पर GST clarity मिलती है तो festive sales कितनी बढ़ सकती हैं?
Datum Intelligence के अनुमान के अनुसार, timely GST clarity से 2025 की festive sales ₹1.2 लाख करोड़ तक पहुँच सकती हैं यानी करीब 27% growth। वहीं delay होने पर growth केवल 5–7% रह सकती है।
Q4. CBIC और Govt का इस बारे में क्या कहना है?
CBIC ने कंपनियों और ग्राहकों से अपील की है कि GST reforms पर केवल official announcements पर भरोसा करें। अंतिम निर्णय GST Council ही लेगी।
Post a Comment
Blogger FacebookYour Comment Will be Show after Approval , Thanks