बरसात कैसे होती है?

आर्द्र मानसून हवाएं जब पर्वत से टकराती है तो ऊपर उठ जाती हैं, परिणामस्वरूप पर्याप्त बारिश होती है। हम जानते हैं कि ज्यों-ज्यों उंचाई बढ़ती है तापमान कम होने लगता है। 165 मीटर ऊपर जाने पर एक डिग्री सेंटीग्रेट तापमान कम हो जाता है। हवाएं जब ऊपर उठती हैं तो इसमें मौजूद वाष्पकण ठंडे होकर पानी की बूंदों में बदल जाते है।
जब पानी की बूंद भारी होने लगती है तो यह धरती पर गिरती है। इसे हम बारिश कहते हैं। चूंकि मानसूनी हवा में वाष्पकण भरपूर मात्रा में होते हैं इसलिए बारिश भी जमकर होती है।
 बरसात कैसे होती है?


How is rainy?

When the humid monsoon winds hit the mountain, it rises up, resulting in sufficient rainfall. We know that as temperatures rise, the temperature decreases as high as the height increases. Up to 165 meters, a degree centigrade temperature decreases. When the winds rise, the vapors present in it become cold and turn into water droplets.
When the drop of water starts to become heavy, it falls on the ground. This is what we call rain. Since monsoon winds contain plenty of vapors, the rain is also very high.
Reactions:

Post a Comment

Blogger

नए पोस्ट की जानकारी सीधे ई-मेल पर पायें

 
[X]

Subscribe for our all latest News and Updates

Enter your email address: