Type of Networking Cable in hindi

जैसा की हम जानते हे की केबल दो या अधिक तारो का ग्रुप होता हे उसी प्रकार कंप्यूटर केबल भी होती है और जैसा की हम अब तक जान चुके है की इनके द्वारा डेटा एक कंप्यूटर से दुसरे कंप्यूटर के NIC tak  पहुचता हे जहा इन्हें अगली प्रोसेसिंग के लिए स्वीकार किया जाता है

      शुरुआत में कंप्यूटर में जब से NIC का प्रयोग होना शुरू हुआ है , तब से अब तक बहुत से परिवर्तन हुए है पुरानी तकनीक और वर्तमान की तकनीक के बीच हुए परिवर्तोनो के कारण ही अब तक कई प्रकार की केबल्स का अविष्कार किया गया है जो की क्रमश प्रयोग हुए है जैसे की पहले BNC केबल का प्रयोग होती थी , तत्पश्चात UTP या CAT-5 और आज फाइबर ऑप्टिकल केबल पाँव पसार रही है
नेटवर्क केबल- Type of Network Cable in hindi

क्या है BNC

इसका पूरा नाम British Novel Connecter (केबल) है. जो की को- एक्सियल केबल जैसे RG-58 A/U होती है इस को को- एक्सियल केबल के बीच में कॉपर केबल होता है , जिसके चारो तरफ 50 ॐ का डाई- इलेक्ट्रिक इंसुलेशन होता है , डाई एल्क्ट्रिक उस तत्व को कहते हे जो विद्युत् का कुचालक होता हे तत्पश्चात इसके ऊपर चारो तरफ canducter का घेरा होता हे , तत्तपश्चात इसके ऊपर चारो तरफ का cunducter का घेरा होता है और फिर सबसे अंत में इंसुलेटर होता है.

क्या है UTP केबल

इसका पूरा नाम unshilded twisted pair connecter होता हे ट्विस्टेड पेयर केबल का नाम इसमे प्रयुक्त तारो के एक दुसरे के चारो तरफ लिपटे होने से ट्विस्ट पड़ा है इनके लिपटे होने से क्रॉसटाक और नॉइज़ होने की संभावना कम हो जाती है उच्च क्वालिटी के ट्विस्टेड पेयर में प्रति इंच में 3 ट्विस्टेड होते है
      देखने में यह केबल लगभग टेलीफोन के केबल की तरह दीखता है , लेकिन वास्तव में इस केबल में अन्दर तारो की संख्या 2 ना होकर 8 होती है और कंनेक्टेर में भी आठ पिने होती है
      इन केबल में कुल चार पेयर होती है जिन्हें चार अलग अलग रंगों में बाटा जाता है ये चार रंग भूरा , हरा , , नारंगी , नीला होता है . शेष चार तार सफ़ेद भूरा , सफ़ेद हरा , सफ़ेद नारंगी , सफ़ेद नीले रंग की होती है ब्यवस्थित रूप से प्रयोग करने पर नेटवर्क की गति हमें 10/100 मेगाबिट पार्टी सेकंड तक प्राप्त हो सकती है






क्या है फाइबर ऑप्टिक केबल

केबल भी नेटवर्क मीडिया की तरह प्रयोग किया जाने लगा है . फाइबर ऑप्टिकल तकनीक में सुचना को काच या प्लास्टिक के तार या फाइबर के दवरा प्रकाश के रूप में स्थनान्तरित करते है इस व्यवस्था में पारम्परिक ताम्बे की तारो की तुलना में काफी अधिक सुचना भेजी जाती है . आजकल इसका प्रयोग बहुत सी टेलीफोन कंपनी कर रही है हामारे देश में भी यह तकनीक बहुत तेजी कसे पाँव पसार रही है जैसे रिलायंस कंपनी अपने नेटवर्क के लिए पारम्परिक ताम्बे के तारो लो जगह फाइबर ऑप्टिकल का प्रयोग कर रही है
      दरसल इसके प्रयोग का सबसे बड़ा फायदा यह है की इससे हमें नेटवर्क की अबतक की सबसे अधिक गति प्राप्त होती है और डेटा में अधिक नुक्सान किये बिना नेटवर्क की सीमा भी दूर हो जाती है . इसी प्रकार ताम्बे के तारो प्रयोग की तुलना में इसके प्रोयोग में “रिपीटर्श” की संख्या कम और उनके बीच की दुरी बढ़ जाती है जिससे कुल लागत में भी कमी आजाती है रिपीटर्श वो डिवाइस है जो कुछ दुरी के बाद सिग्नल को बूस्ट या रिफ्रेश करने के लिए प्रयोग किया जाता है
समान्यत ये दो प्रकार के होते है.
  • सिंगल मोड फाइबर
  • मल्टी मोड फाइबर

सिंगल मोड फाइबर का प्रयोग लम्बी दुरी के नेटवर्क में किया जाता है जबकि मल्टी फाइबर का प्रयोग छोटी दुरी के नेटवर्क में किया जाता है
नोट:- यदि हमें दो या दो से अधिक कंप्यूटर को आपस में जोड़ना चाहते हे तो हमें नेटवर्किंग डिवाइस की आवश्यकता होगी जो हम आगे के सेशन में सीखेंगे 


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